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एक क्रियाशील व्यक्ति जो अपना काम कीये जरहा है 1

Sunday, October 19, 2008

खुदा के बंदे

तुम बम फेंकने निकले

तुम्हारे निशाने पर थे

मासूम, बेगुनाह लोग

तुम्हें लगता होगा

तुम खुदा के बंदे हो

पर जब बम फटता है

यकीन मानो तब

खुदा नहीं शैतान खुश होता है

खून चाहिए शैतान को

खुदा को नहीं

वह तो तुम्हारी नीयत देखता है

ऐ दहशत के ठेकेदारो

तुम खुद को भले ही खुदा का बंदा कहो

पर खुदा तुमसे बिल्कुल खुश नहीं है

कयामत के रोज

जब सारा हिसाब होगा

तो खुदा तुम्हारे नहीं

उस बच्चे के साथ होगा

जिसके हाथ तुम्हारा गिरा टिफिन लौटाने के लिए

मासूमीयत से आगे बढ़े थे

और पूरा शरीर चीथड़ों में बिखर गया।

यकीन न हो तो

अपने दिल पर हाथ रख कर पूछना

कि खुदा का असली बंदा कौन है

तब तुम्हारे सपने में आएंगे वे दोनों हाथ

जो तुम्हारा गिरा टिफिन लौटाने

तुम्हारे पीछे दौड़े थे

अगली बार कहीं बम

फैंकने से पहले

खुदा का नाम मत लेना।

-सुधीर राघव

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